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शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

राखी का त्यौहार

 

रेशम का धागा और बहनों का प्यार: रक्षाबंधन की पावन कविता

​रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, अटूट विश्वास और अपार स्नेह का प्रतीक है। इस खास अवसर पर प्रस्तुत है एक दिल को छू लेने वाली कविता, जिसे आप अपने ब्लॉग पर साझा कर सकते हैं:


कच्चे धागों का पावन बंधन
रेशम के इन कच्चे धागों में,
प्यार छुपा है कितना सारा।
बहन सजाती भाई की कलाई,
जैसे अंबर में चमके तारा।
बचपन की वो खट्टी-मिट्ठी बातें,
वो लड़ना-झगड़ना और मुस्कुराना।
हर मुश्किल में भाई का खड़े रहना,
और बहन का चुपके से पैसे चुराना।
दूर भले ही किस्मत कर दे,
दिल से दिल का रिश्ता गहरा है।
दुआ है मेरी रब से बस इतनी,
भाई की खुशियों पर सदा मेरा पहरा है।
राखी का यह पावन त्योहार,
लाए जीवन में खुशियां हजार।
सदा सलामत रहे भाई मेरा,
यही मांगती बहन बार-बार।
 

कविता —2. 
स्नेह का पावन बंधन
रेशम का यह पावन धागा,
हृदय जगाता अनुपम अनुरागा।
बहन बांधती भाई को राखी,
यह पावन पल है सब साक्षी।
बचपन की वह सलोनी छाया,
जिसने जीवन सुंदर बनाया।
वो लड़ना और फिर मान जाना,
हँसकर अपना स्नेह जताना।
समय बदला और बदले रस्ते,
पर मन में हैं यादें बसते।
दूर देश चाहे भाई रहता,
प्रेम सदा नयनों से बहता।
थाल सजाकर आरती उतारे,
मंगल तिलक ललाट सँवारे।
भाई देता वचन अटल है,
रक्षा हित वह सदा सबल है।
सुख-समृद्धि मिले भाई को,
यश की कीर्ति मिले भाई को।
सदा रहे जीवन उजियारा,
बना रहे यह जग से न्यारा।
कच्चे धागों की यह डोरी,
लाए खुशियाँ थोर-बथोरी।
युग-युग तक यह रिश्ता महके,
प्रीत की भाषा घर-घर चहके ।
(कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपहार।)


 

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर शुभकामना

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है,  आप सभीको   इस  पावन पर्व पर   हार्दिक शुभ कामना।